CultureEntertainmentfestivalshappeningHome
Trending

सौनक के शास्त्रीय गायन  एवं   अदनान के सितार की झंकार से यादगारी बनी प्राचीन कला केन्द्र की 13वीं तिमाही बैठक

Spread the love
भारतीय संगीत कला को समर्पित संस्था प्राचीन कला केन्द्र द्वारा इंडिया हैबीटेट सेंटर के सहयोग से आज यहां प्राचीन कला केन्द्र की तिमाही बैठक का आयोजन किया गया । ‘‘लिजेंड आॅफ टुमारो’’ श्रंृखला के तहत इस कड़ी को सौनक चैटर्जी के गायन और अदनान खान के सितार वादन से सजाया गया था ।
सौनक चैटर्जी कोलकाता के संगीतमयी जगत के जाने माने शास्त्रीय गायक हैं । सौनक ने उस्ताद मशकूर अली खां साहिब और मुबारक अली खान साहिब से संगीत की विधिवत शिक्षा प्राप्त की है इन्होंने देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी प्रस्तुतियों से बखूबी प्रशंसा बटोरी है । किराना घराने के सौनक ने संगीत में अपना एक अलग मुकाम बनाया है ।
 दूसरी ओर अदनान उस्ताद सईद खां के सुपुत्र एवं किराना घराने के युवा एवं प्रतिभाशाली सितार वादक हैं । अदनान की सितार वादन की मुख्य विशेषता गायन अंग पर उनकी मजबूत पकड़ है । इन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी कला का जादू बिखराया है ।
कार्यक्रम के पहले भाग में पारम्परिक दीप प्रज्वलन के पश्चात सौनक चैटर्जी ने मंच संभाला और राग शुद्ध कल्याण से कार्यक्रम का आगाज़ किया । आलाप के पश्चात विलम्बित झूमरा ताल में एक खूबसूरत बंदिश ‘‘करम करो’’ पेश की । उपरांत तीन ताल की द्रुत बंदिश में प्रसिद्ध रचना मंदरवा बाजो रे प्रस्तुत करके सौनक ने खूब तालियां बटोरी । कार्यक्रम का समापन सौनक ने गौर मल्हार की एक भावपूर्ण बंदिश से किया । इनके साथ तबले पर महावीर चंद्रावत एवं हारमोनियम पर ललित सिसोदिया ने बखूबी संगत की ।
कार्यक्रम के दूसरे भाग में अदनान खां ने अपनी खनकती प्रस्तुति से दर्शकों को सहज ही खुद से बाॅंध लिया । इन्होंने राग श्याम कल्याण में आलाप जोड़ एक झाला का सुंदर प्रदर्शन किया । विलम्बित एवं द्रुत झाले एवं गत के प्रदर्शन से अदनान ने खूब वाहवाही लूटी । कार्यक्रम का समापन राग मिश्र खमाज में निबद्ध धुन से किया गया । इनके साथ मंच पर उभरते युवा तबला वादक सप्तक शर्मा ने बखूबी संगत की ।
कार्यक्रम के अंत में केन्द्र के सचिव श्री सजल कौसर ने कलाकारों को सम्मानित किया ।
Tags

Related Articles

Close