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53 कुशल प्रशिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ महेन्द्र नाथ पाण्डे ने सम्मानित किया

 इनमें वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के विजेताओं के विशेषज्ञ, एनएसटीआई, आईटीआई, जेएसएस एवं अन्य प्रतिष्ठित कोरपेरेट्स के प्रशिक्षक शामिल थे

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नई दिल्ली, 5 सितम्बर, 2019, अधिक से अधिक प्रशिक्षकों को कौशल भारत मिशन के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित करने के प्रयास में कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने कौशलाचार्य समादार 2019 का आयोजन किया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से प्रशिक्षकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने देश के युवाओं को कुशल कार्यबल बनाने और भविष्य के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

विभिन्न पृष्ठभुमियों से ताल्लुक रखने वाले कुल 53 प्रशिक्षकों को शिक्षक दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया, इनमें वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता के विजेता, राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षक, ओद्यौगिक प्रशिक्षण केन्द्रों एवं जन शिक्षण संस्थानों के प्रशिक्षक तथा प्रतिष्ठित कोरपोरेट सदनों के प्रशिक्षक शामिल थे। देश की कौशल प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाने की शपथ लेने वाले इन प्रशिक्षकों में वर्ल्डस्किल्स 2019 में हिस्सा लेने वाली भारतीय टीम के 19 विजेताओं के विशेषज्ञ; एनएसटीआई/ आईटीआई प्रणाली से 15 कौशल प्रशिक्षक; 9 कोरपोरेट प्रशिक्षक (अडोब, आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, मारूति, ओएनजीसी, बॉश, भेल और एगीज़) तथा जेएसएस से 10 प्रशिक्षक शामिल थे।

मंत्रालय ने ऐलान किया कौशलाचार्य पुरस्कार का आयोजन अब से सालाना समारोह के रूप में किया जाएगा, जिसमें व्यवसायिक प्रशिक्षण प्रणाली में योगदान देने वाले कौशल प्रशिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक 2022 तक भारत को अपनी कौशल प्रणाली के लिए 2.5 लाख प्रशिक्षकों की आवश्यकता होगी। एनएसडीसी और डीजीटी एक साथ मिलकर प्रशिक्षकों एवं मूल्यांकनकर्ताओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत हैं। प्रशिक्षण एवं लर्निंग के मानकीकरण को सुनिश्चित करने के लिए एमएसडीई विश्वस्तरीय अकादमियों के निर्माण के लिए काम कर रहा है और इसने सख्त प्रत्यायन प्रक्रिया की शुरूआत की है। कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय ने राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों के नेटवर्क की क्षमता का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रोग्राम भी शुरू किए हैं। एनआईएमआई, एनएसटीआई, केन्द्रीय स्टाफ प्रशिक्षण और अनुसंधान संस्थान जैसे संगठन प्रशिक्षकों को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत हैं।

डॉ महेन्द्र नाथ पाण्डे, माननीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्री ने कहा, ‘‘गुरू शिष्य परम्परा भारतीय सभ्यता की अनूठी विशेषता रही है, जहां हमारे अध्यापक हमें जीवन के महत्वपूर्ण सबक देते हैं, जीवन कौशल प्रदान करते हैं। इस दिन हम अपने उन प्रशिक्षकों को सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने युवाओं को कौशल प्रदान करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया, उनके करियर के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है कि कौशलाचार्य पुरस्कार का आयोजन सालाना समारोह के रूप में उन अध्यापकों के लिए किया जाएगा जो कौशल भारत के मूल स्तंभ हैं। हम उन गुरूओं को सम्मानित कर रहें हैं जिन्हें एक सप्ताह पहले रूस के कज़ान में आयोजित वर्ल्डस्किल्स इंटरनेशनल प्रतियोगिता में विश्वस्तरीय समुदाय द्वारा पहले से सम्मानित किया जा चुका है।’’

उद्योग जगत से दीर्घकालिक साझेदारियों के लिए आग्रह करते हुए श्री राज कुमार सिंह, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता के लिए माननीय राज्य मंत्री ने कहा, ‘‘भारत में ओद्यौगिकीकरण को देखते हुए कुशल मैनपावर की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। कैशल भारत मिशन इस मांग को पूरा करने के लिए कुशल कार्यबल उपलब्ध कराता है। हम देश में तकनीकी शिक्षा और व्यवसायिक प्रशिक्षण को बढ़वा देने के लिए डिग्री प्रोग्राम की शुरूआत कर रहे हैं। आज का दिन हमारे लिए बेहद खास है, हम उन प्रशिक्षकों को सम्मानित करने जा रहे हैं, जिन्होंने हज़ारों युवाओं को कौशल भारत मिशन के तहत प्रशिक्षित एवं प्रेरित किया है।’’

छात्रों को लर्निंग का अर्थपूर्ण अनुभव प्रदान करने के लिए विशेष बर्कबुक का लॉन्च भी डीजीटी द्वारा किया गया। इस पुस्तक को नेशनल इंस्ट्रक्शनल मीडिया इन्सटीट्यूट द्वारा विकसित किया गया है, जो आईटीआई संस्थानों के लिए पुस्तक एवं अध्ययन सामग्री डिज़ाइन और विकसित करता है। टाटा स्ट्राइव, क्वेस्ट अलायन्स, महिन्द्रा प्राइड क्लासरूम और एनआईएमआई के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जहां एमएसडीई ने वर्कबुक में उनके योगदान के लिए लिए उन्हें सम्मानित किया।

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