bloggedBuzzCultureEditorspickEducationEntertainmentexplorefestivalshappeningHomeIndiaLifestyleNewspeopleTop NewsWhats' newWorldwide
Trending

स्पिक मैके के सातवें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दूसरे दिन सुरों के साथ ज्ञान की धारा बही

Spread the love

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय स्थापना की स्वर्ण जयंती समारोह में विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हो रहे स्पिक मैके के 7वें इंटरनेशनल कन्वेंशन में दूसरे दिन 4 जून मंगलवार को सुरों के साथ ज्ञान की धारा बही । सोमवार से आरम्भ हुए 7 दिवसीय कन्वेंशन में दिन का आरम्भ योग और ध्यान के साथ हुआ । देश-विदेश से आये 1100 से अधिक सहभागियों ने योग के उपरांत सम्मेलन में आये सभी प्रतिनिधियों ने परिसर को स्वच्छ बनाने हेतु श्रमदान किया । इसके उपरांत नई कला को सीखने और प्रतिभागियों की रुचि को अभिवर्धित करने हेतु विविध विधाओं में कुल 37 कार्यशालाओं का आयोजन हुआ । प्रतिभागियों ने पूर्व में ही चयन की स्वयं की रुचि अनुरूप कार्यशाला में भाग लिया ।


भोजन अवकाश के उपरांत स्वामी त्यागराज द्वारा प्रतिभागियों को योगनिद्रा का अभ्यास करवाया ।
दोपहर सत्र विश्वविख्यात कठपुतली कलाकार दादी पदुमजी ( संस्थापक- इशारा कठपुतली थियेटर) ने कठपुतली के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला एवं कठपुतली विधा के कई अन्य पहलुओं का प्रदर्शन किया जिसे लोगों ने बारीकी से समझा और सराहा ।

कार्यक्रम की दूसरी प्रस्तुति कव्वाली के विख्यात फनकार वारसी बंधुओं (नसीर अहमद वारसी और नज़ीर अहमद वारसी) दी गयी । वारसी बंधुओ की जुगलबंदी ने सूफ़ियाना कव्वाली, ग़ज़ल, ठुमरी, भजन और बंदिशों से समां बाँध दिया ।

इसके उपरांत कला मर्मज्ञ कृष्ण खन्ना ने कला पर वार्ता की । प्रतिभागियों ने कला के विविध उपागमों को बारीकी से समझा ।
सांयकालीन सत्र में बेगम परबीन सुल्ताना ने अपनी शानदार आवाज से दर्शकों को अभिभूत कर लिया । इसी सत्र की अगली प्रस्तुति में विद्वान टी.वी. संकरनायनं ने अपनी कर्नाटिक गायकी से प्रतिभागियों को आनन्दित कर दिया ।

प्रस्तुतियाँ देने वाले सभी फ़नकारों को स्पिक मैके के संस्थापक श्री किरण सेठ एवं साथियों द्वारा सम्मानित किया गया ।
मंच संचालन स्पिक मैके के वरिष्ठ कार्यकर्ता माणिक ने किया ।

Related Articles

Close