Politics

8 मई तक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगाने की मांग की-विजेन्द्र गुप्ता

Spread the love
नई दिल्ली, 1 मई। भाजपा प्रतिनिधिमण्डल नेे मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर दिल्ली के आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, वित्त मंत्री कैलाश गहलोत तथा दिल्ली वक्फ़ बोर्ड के चेयरमैन एवं ओखला से विधायक मोहम्मद अमानतुल्ला खान द्वारा चुनावी लाभ के लिए अपराधिक षडयंत्र, विश्वासघात तथा सावर्जनिक धन का अपराधिक दुरूपयोग करने के खिलाफ शिकायत की। प्रतिनिधिमण्डल में भाजपा के नेता श्री धमेन्द्र प्रधान, डाॅ. संबित पात्रा, श्री विजेन्द्र गुप्ता, श्री ओम पाठक, श्री सुभाष सचदेवा एवं अधिवक्ता श्री नीरज शामिल थे।
मुख्य चुनाव आयुक्त को मिलने के पश्चात श्री गुप्ता ने बताया कि आम आदमी के ये बड़े नेता जो दिल्ली सरकार का हिस्सा हैं लोकसभा चुनावों के नतीजों को अपने पक्ष में प्रभावित करने के लिए एक धर्म विशेष के लोगों के तुष्टीकरण के लिए अपने सरकारी पद तथा कोष का दुरूपयोग करने में लिप्त हैं।
श्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार के ज्ञापन दिनांक 3 जून, 2015 के अनुसार दिल्ली वक्फ़ बोर्ड का बैंक खाता चलाने के लिए बोर्ड के सीईओ के हस्ताक्षर होना जरूरी है। परंतु इस ज्ञापन का खुला उल्लंघन करते हुए दिल्ली वक्फ़ बोर्ड ने आदर्श चुनाव आचार संहिता के दौरान एक प्रस्ताव पारित किया जिसके अनुसार बोर्ड का बैंक खाता चेयरमैन, सदस्य एवं सीईओ में से किन्हीं दो के हस्ताक्षर से चलाया जा सकता है। दिल्ली के वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने 22 अप्रैल को इस प्रस्ताव को स्वीकृति देकर अपने आदेश जारी कर दिए। इस प्रस्ताव से दिल्ली वक्फ़ बोर्ड के धन पर दिल्ली सरकार का नियंत्रण पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। इस अपराधिक षडयंत्र को बढ़ावा देते हुए 25 अप्रैल, 2019 को चेयरमैन दिल्ली वक्फ़ बोर्ड तथा बोर्ड के दूसरे सदस्य के हस्ताक्षरों से इमामों और मोइज्जानों को बढ़े हुए वेतन के भुगतान के नाम पर चैक जारी किए गए। यहां यह भी बताना जरूरी है कि पहले ये चैक उनके बैंक खाते में भेजे जाते थे परंतु अब ये चैक उनके नाम से जारी किए गए हैं।
श्री गुप्ता ने कहा कि इतना ही नहीं चेयरमैन अमानतुल्ला खान ने लिपिकों, एमटीएस, जेई, पटवारी, एकाउन्टेंट, लीगल सहायक, एकाउन्ट सहायक के पदों के लिए 33 नियुक्ति पत्र जारी किए जिन्हें ये नियुक्ति पत्र जारी किए गए उनमें से 24 ओखला विधानसभा क्षेत्र से संबंधित हैं। इन पदों पर नियुक्ति के लिए गठित की गई समिति के चारों सदस्य हिमाल अख्तर, रिहाल खान सूरी, अमजद खान तथा फिरोज खान भी चेयरमैन अमानतुल्ला खान के नजदीकी व उन्हीं के विधानसभा क्षेत्र से थे। और तो और दिल्ली वक्फ़ बोर्ड की नियुक्तियों के लिए चलाई गई ड्राइव में राज्य सरकार की कोई स्वीकृति नहीं ली गई जो कि वक्फ़ बोर्ड के धारा 24 का खुला उल्लंघन है। जिन पदों पर उपरोक्त नियुक्तियां की गई उनके विज्ञापन में संबंधित पदो ंके लिए आयु सीमा तक विज्ञापित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के लागू होने के पूर्वानुमान के मद्देनजर हड़बड़ी में 8 मार्च, 2019 को भारी मात्रा में उपरोक्त नियुक्तियों की घोषणा की गई।
श्री गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार चुनाव आयोग को लेकर गंभीर नहीं है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्य चुनाव अधिकारी दिल्ली द्वारा 12 अप्रैल, 2019 को प्रधान सचिव (वित्त) को नोटिस जारी कर अमानतुल्ला खान द्वारा पद व सरकारी कोष के दुरूपयोग को लेकर 13 अप्रैल, 2019 तक तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट मांगी गई। प्रधान सचिव (वित्त) ने 15 अप्रैल, 2019 को सीईओ दिल्ली को नोटिस का जवाब देने को कहा। मुख्य चुनाव अधिकारी दिल्ली द्वारा जारी नोटिस का कोई जवाब देने की बजाए 22 अप्रैल, 2019 को वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने दिल्ली वक्फ़ बोर्ड द्वारा 8 अप्रैल, 2019 को पारित प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति देकर आदेश जारी किए। 24 अप्रैल को मुख्य चुनाव अधिकारी ने प्रधान सचिव (वित्त) को एक और नोटिस जारी किया जिस पर प्रधान सचिव (वित्त) ने सीईओ दिल्ली वक्फ़ बोर्ड को भेजकर 27 अप्रैल तक जवाब मांगा। परंतु इन नोटिसों तथा प्रधान सचिव (वित्त) द्वारा नोटिस पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के प्रयासों के बावजूद, चेयरमैन अमानतुल्ला खान द्वारा वित्त मंत्री कैलाश गहलोत एवं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की शह पर आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बदस्तूर जारी है तथा चुनावों के नतीजों को आम आदमी के पक्ष में प्रभावित करने के लिए मुस्लिम वोटरों की तुष्टि और ध्रुवीकरण किया जा रहा है। मोहम्मद अमानतुल्ला खान को स्वयं इमामों और मोइज्जानों को चेक बाटंते हुए देखा गया है।
भाजपा प्रतिनिधिमण्डल ने चुनाव आयोग से मांग की है कि वे दिल्ली सरकार को इमामों/मोइज्जानों तथा अन्य मतदाताओं को चेक जारी करने/बांटने से रोके तथा अरविंद केजरीवाल, कैलाश गहलोत और आमनतुल्ला खान पर 10 मई तक चुनाव प्रचार करने के लिए प्रतिबंधित करें जिससे वे भ्रष्ट तरीकों से रिश्वत देकर तथा धर्म के नाम पर मतों का ध्रुवीकरण न कर सकें।
Tags

Related Articles

Close