IndiaNewsPolitics

कांग्रेस-जेडीएस और उस जैसे अनेक दलों की प्रेरणा परिवारवाद है जबकि हमारी प्रेरणा राष्ट्रवाद है-प्रधानमंत्री

Spread the love

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज कर्नाटक के मेंगलोर सिटी और बेंगलुरु में आयोजित विशाल जन-सभाओं को संबोधित किया और केंद्र की भाजपासरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कांग्रेस पार्टी द्वारा अपने ढकोसला पत्र में देश की सुरक्षा के खलाफ किये गए वादों पर कांग्रेस परजोरदार हमला बोला। उन्होंने देश की जनता से भारी मतदान करते हुए भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत से विजयी बनाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार का चुनाव सिर्फ सांसदमंत्रीप्रधानमंत्री और सरकार चुनने का नहींबल्कि 21वीं सदी के नए भारत केनिर्माण करने का चुनाव है। नए भारत के संस्कार और प्रेरणा क्या होगीये आप सभी को तय करना है। बच्चे, युवा, बुजुर्ग, आप सभी के प्यारको मैं विनम्रता से नमन करता हूँ। आपका यही प्यार है जो नामुमकिन को मुमकिन बनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने जलियांवाला बाग़ नरसंहार के100 वर्ष पूरे होने पर इस बर्बर नरसंहार में शहीद हुए प्रत्येक व्यक्ति को नमन करते हुए अपनी विनम्र श्राद्धांजलि अर्पित की।

श्री मोदी ने कहा कि –

कांग्रेसजेडीएस और उस जैसे अनेक दलों की प्रेरणा परिवारवाद है जबकि हमारी प्रेरणा राष्ट्रवाद है।

  • वेअपने परिवार के आखिरी सदस्य तक को सत्ता का लाभ देते हैंहम समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति को आगे लाने के लिएमेहनत करते हैं।
  • उनकादर्शन वंशोदय हैहमारा दर्शन अंत्योदय है।
  • उनकेवंशोदय से भ्रष्टाचार और अन्याय पैदा होता है, हमारे अंत्योदय से पारदर्शिता और ईमानदारी की प्रतिष्ठा बढ़ती है
  • उनकावंशोदय अपनी ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज करता है, हमारा अंत्योदय एक चायवाले तक को प्रधानमंत्री बना देता है।
  • उनकेवंशोदय ने गरीब को सिर्फ नारे दिएहमारे अंत्योदय ने आज भारत में गरीबी कम की हैदेश में निओमिडिल क्लास का निर्माणकिया है।
  • उनकेवंशोदय ने दलालों और बिचौलियों के हाथ मज़बूत किएहमारे अंत्योदय ने जनधनआधारमोबाइल को मिलाकर आधुनिकव्यवस्था बनाई।
  • उनकेवंशोदय ने तुष्टिकरण को अपनी राजनीति का आधार बनायाहमारे अंत्योदय ने सबका साथसबका विकास का मार्ग चुना।
  • उनकावंशोदय सिर्फ अपने परिवार को महिमामंडन करता हैहमारा अंत्योदय समाज के अनजाने चेहरों का भी सम्मान करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज से 5 साल पहले कौन सोच सकता था कि किसी आदिवासी इलाके में लोगों की सेवा करने वालों कोकिसी गांवमें पौधों की प्रजातियों को बचाने वाले कोकभी पद्म सम्मान भी मिल सकता है। राष्ट्रपति भवन में जब चप्पल पहने हुए एक बुजुर्ग को जब मैंगर्व के साथ पद्म सम्मान ग्रहण करते देखता हूंतो मन आनंद के अतिरेक से गद्गद हो उठता है कि सच मेंमेरा भारत यही हैअपने सामर्थ्यपर भरोसा करने वाला भारतअपने संसाधनों पर भरोसा करने वाला भारतअपने सपनों पर भरोसा करने वाला भारत।

Related Articles

Close